आटे में ये चीज मिलाएं, आटा ही बन जायेगा दवा | Best Flour For Health | Best Atta

 


क्या आप जानते हैं कि हमारी रोजाना की रोटियां, जो हम दिन में दो या तीन बार खाते हैं, केवल पेट भरने का काम ही नहीं करतीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल सकती हैं? सोचिए कितना अच्छा हो अगर यही रोटियां हमारे लिए दवा का काम करने लग जाएं और हमारी छोटी-बड़ी बीमारियों को रोकने और उनसे बचाने का काम करने लगें। इनमें ऐसे तत्व मिलाए जा सकते हैं जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन तंत्र सुधारने, और हृदय रोग, मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव करने में सहायक हों। उदाहरण के लिए, गेहूं के आटे में कुछ औषधीय जड़ी-बूटियों और मसालों को मिलाकर रोटियों को अधिक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक बनाया जा सकता है। इस प्रकार की रोटियां न केवल हमारे भोजन को स्वास्थ्यवर्धक बनाएंगी, बल्कि हमें दवाओं पर निर्भर रहने की आवश्यकता को भी कम करेंगी। यह पहल न सिर्फ हमारी सेहत के लिए लाभदायक होगी बल्कि हमारे दैनिक जीवन को भी स्वस्थ और स्फूर्तिदायक बनाएगी।


आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी पावरफुल चीजों के बारे में बताएंगे, जिन्हें अगर आप अपने आटे में मिला लें, तो इससे बनी रोटियां आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकती हैं और आपको सैकड़ों तरह की बड़ी-बड़ी बीमारियों से बचाने का काम कर सकती हैं। हम एक-एक करके उन सभी इंग्रेडिएंट्स के बारे में बताएंगे, जो औषधीय गुणों से युक्त जड़ी-बूटियों की श्रेणी में आते हैं। इनसे आपको क्या-क्या फायदे हो सकते हैं और किस तरह से आप इन्हें अपने आटे में मिलाकर अपनी रोटियों को ही अपनी सेहत का रक्षक बना सकते हैं।


ये सभी चीजें मेडिसिनल हब्र्स यानी औषधीय गुणों से युक्त जड़ी-बूटियां हैं, जो कई तरह की बीमारियों में बहुत ज्यादा फायदा पहुंचा सकती हैं। इन्हें अपने आटे में मिलाकर, अपने दैनिक जीवन में बहुत आसानी से इनका भरपूर फायदा उठा सकते हैं। इस प्रकार, इन सामग्री को अपने आटे में मिलाकर आप न सिर्फ अपने भोजन को स्वास्थ्यवर्धक बनाएंगे, बल्कि अपनी प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करेंगे और कई बीमारियों से बचे रहेंगे। तो आइए, जानते हैं इन लाभदायक इंग्रेडिएंट्स के बारे में पूरी डिटेल में।


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1. फेनुग्रीक सीड्स यानी मेथी दाना

तो चलिए शुरुआत करते हैं पहली जड़ी-बूटी से, जो है फेनुग्रीक सीड्स यानी मेथी दाना। दोस्तों, फेनुग्रीक सीड्स ना केवल आपके खाने को स्वादिष्ट बनाते हैं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी चमत्कारी फायदे रखते हैं। मेथी दाना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बढ़ी हुई ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी है। जी हां, मेथी दाना डायबिटीज के मरीजों के लिए एक चमत्कारी औषधि की तरह काम करता है। यह न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, बल्कि शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को भी बढ़ावा देता है, जिससे ब्लड शुगर संतुलित रहती है।


इसके अलावा, मेथी दाना आपके लिवर और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है, जिससे खाना अच्छी तरह से पचता है और शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे वजन घटाने में भी काफी मदद मिलती है। कई वैज्ञानिक अध्ययन भी यह साबित कर चुके हैं कि मेथी दाना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत कारगर है। आमतौर पर लोग मेथी दाने का पानी पीते हैं, लेकिन अगर आप इसे पीसकर अपने आटे में मिला लें, तो भी आप इसे आसानी से अपने भोजन का हिस्सा बना सकते हैं और इसके सभी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।


कैसे उपयोग करे

आपको सबसे पहले मेथी दाने के बीजों को तवे पर हल्का सा भून लेना है। फिर इन्हें ठंडा होने के बाद ग्राइंडर में डालकर बारीक पीस लें। जब भी आप रोटियां बनाएं, तो अपने आटे में एक टीस्पून से लेकर एक टेबलस्पून तक (इस पर निर्भर करता है कि आपका आटा कितना है) मेथी दाने का पाउडर मिला लें। ध्यान रखें कि मेथी दाने का पाउडर अधिक मात्रा में न मिलाएं, क्योंकि ज्यादा मिलाने पर रोटियां कड़वी हो सकती हैं। इसलिए इसे हमेशा सीमित मात्रा में ही मिलाएं। देखिए, इससे आपकी रोटियों का स्वाद भी बढिय़ा हो जाएगा और आपको बेहतरीन फायदे भी मिलेंगे। विशेष रूप से डायबिटीज के मरीजों, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना चाहने वालों, प्री-डायबिटिक व्यक्तियों, कमजोर पाचन वाले लोगों और वजन घटाने की कोशिश करने वालों के लिए मेथी दाने को मिलाकर बनाई गई रोटियां बहुत ही लाभदायक होती हैं। 


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2. फ्लैक सीड्स यानी कि अलसी 

अलसी के बीज दो प्रमुख चीजों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं... पहला है दिल की सेहत और दूसरा है जोड़ों के दर्द। यदि आपको दिल से संबंधित कोई भी बीमारी है या फिर आपके जोड़ों और हड्डियों में दर्द रहता है, हड्डियां कमजोर हो गई हैं, जोड़ कमजोर हो गए हैं या घिसने लगे हैं, तो आपको अपने आटे में अलसी के बीज मिलाकर जरूर खाना चाहिए।


अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो आपके दिल की सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी है। ये आपके नसों को नरम, मुलायम और लचीला बनाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर भी नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा, अलसी के बीज जोड़ों के अंदर ग्रीस को बढ़ाकर वहां की सूजन और दर्द को कम करने में भी मदद करते हैं।


इसलिए, यदि आप अपने दिल की सेहत को सुधारना चाहते हैं या जोड़ों के दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो अलसी के बीजों को अपने आटे में मिलाकर रोटियों का सेवन जरूर करें। इससे न केवल आपका भोजन स्वास्थ्यवर्धक बनेगा, बल्कि आपके दिल और जोड़ों की समस्याओं में भी सुधार होगा।


कैसे उपयोग करे

अलसी के बीज को अपने आटे में मिलाने के लिए सबसे पहले इन्हें तवे पर हल्की आंच पर ड्राई रोस्ट करें। ठंडा होने के बाद इन्हें बारीक पीसकर पाउडर बना लें। अब हर चार रोटी के आटे में लगभग एक टीस्पून अलसी का पाउडर मिलाएं और इससे रोटियां बनाकर खाना शुरू करें। अलसी का स्वाद थोड़ा नटी होता है, इसलिए जब आप इसकी रोटियां बनाएंगे, तो उनमें एक अलग तरह का फ्लेवर आएगा, जो मुझे यकीन है कि आपको जरूर पसंद आएगा। इस प्रकार, अलसी के पाउडर को अपने आटे में मिलाकर आप अपने भोजन को स्वास्थ्यवर्धक बना सकते हैं और इसके सभी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।


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3. कैरम सीड्स यानी कि अजवाइन

अजवाइन पेट की गर्मी, गैस और एसिडिटी के लिए एक रामबाण दवा है। इसे अपनी रोटियों में शामिल करने से पेट से संबंधित इन सभी समस्याओं में काफी आराम मिलता है। अजवाइन को आटे में मिलाने के लिए सबसे पहले इसे तवे पर हल्का सा भून लें। फिर इसे ग्राइंडर में डालकर बारीक पीस लें और एक जगह रख लें। अब आप इसे सीधे अपने आटे में मिलाकर गूंध सकते हैं और रोटियां बना सकते हैं।


अजवाइन का स्वाद थोड़ा स्ट्रांग और तेज होता है, इसलिए शुरुआत में इसका इस्तेमाल कम मात्रा में ही करें। देखें कि इसका स्वाद आपको कैसा लगता है और आपकी एसिडिटी या पेट की दूसरी समस्याओं में कितना फायदा मिलता है। इसके आधार पर आप अजवाइन की मात्रा को अपने हिसाब से कम या ज्यादा कर सकते हैं।


एक सामान्य नियम के अनुसार, लगभग आधा किलो आटे में एक टीस्पून अजवाइन का पाउडर मिलाना काफी होता है। आप अपनी जरूरत और स्वाद के अनुसार अजवाइन की मात्रा को एडजस्ट कर सकते हैं। इस तरह से आप अजवाइन को अपनी रोटियों में शामिल करके पेट की समस्याओं से निजात पा सकते हैं।


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4. सिस्म सीड्स यानी के तिल

सिस्म सीड्स यानी तिल हमारी हड्डियों और समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें कैल्शियम और कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। तिल की तासीर काफी गर्म होती है, इसलिए लोग इसे सर्दियों में खाना पसंद करते हैं। सर्दियों के मौसम में यदि आप तिल को अपने आटे में मिलाते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।


कैसे उपयोग करे

तिल को आटे में मिलाने के लिए, पहले इन्हें तवे पर हल्का सा भून लें। फिर इन्हें मिक्सर ग्राइंडर में डालकर बारीक पीस लें। हर आधा किलो आटे में एक या दो टीस्पून तिल का पाउडर मिलाना पर्याप्त होता है। इससे आपकी रोटियों का स्वाद और न्यूट्रिशन दोनों बढ़ जाते हैं।


तिल मिले हुए आटे की रोटियां खाना उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है जिनकी हड्डियां कमजोर हो गई हैं, जिनमें कैल्शियम की कमी है, या वे महिलाएं जो मेनोपॉज के बाद कैल्शियम की कमी का सामना कर रही हैं। मेनोपॉज के बाद अक्सर कैल्शियम की कमी हो जाती है, इसलिए ऐसी महिलाओं के लिए तिल की रोटियां खाना बहुत ही लाभदायक होता है।


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5. अमरंथ का आटा

अमरंथ का आटा ग्लूटेन-फ्री अनाज है जो प्रोटीन से भरपूर होता है। यह शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। नई रिसर्च बताती है कि अमरंथ में मौजूद फाइबर्स और फाइटोस्ट्रोल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत ही सहायक होते हैं। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, विशेष रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल, तो अपनी रोटियों में अमरंथ के आटे को मिलाकर आप इसे आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं।


कैसे उपयोग करे

अमरंथ को अपने आटे में मिलाने के लिए, आपको पहले मार्केट से इसे ले आना होगा। मार्केट में यह आसानी से मिल जाता है और हर एक किलो गेहूं के आटे में लगभग एक कप अमरंथ का आटा मिलाना काफी है। इससे आपकी रोटियों को एक अद्वितीय फ्लेवर मिलेगा, जो आपको अलग लगेगा। साथ ही, आपकी रोटियों की न्यूट्रिशनल मान भी बढ़ जाएगी, क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिंस, मिनरल्स, और अन्य महत्वपूर्ण तत्व होते हैं। इससे आपकी ओवरऑल हेल्थ भी बेहतर रहेगी, और आपका कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल भी सुधारेगा।


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6. मोरिंगा पाऊडर

मोरिंगा पाऊडर में पोटेशियम और प्रोटीन का अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने और आवश्यक न्यूट्रिशन प्रदान करने में मदद करता है। वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि मोरिंगा के पत्तों में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हमें विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। मोरिंगा पाऊडर आजकल मार्केट में आसानी से उपलब्ध होता है, इसलिए आप इसे अपने आटे में मिला सकते हैं। आपको एक से लेकर दो चम्मच तक ही मिलाना चाहिए, ज्यादा मिलाना नहीं चाहिए। ध्यान दें कि मोरिंगा का स्वाद थोड़ा तीखा और कड़वा होता है।


कैसे उपयोग करे

आरंभ में, मैं सुझाव दूंगा कि आप एक से भी कम, यानी करीब आधा टीस्पून से ही शुरुआत करें और देखें कि आपको इसका स्वाद कैसा लगता है। अगर आपको सही लगता है, तो धीरे-धीरे आप इसकी मात्रा को बढ़ा सकते हैं।


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मेथी के दाने, अलसी के बीज, अजवाइन, तिल, अमरंथ और मोरिंगा - ये छह चीजें हैं जो आपके आटे को एक मेडिसिनल पावरहाउस में बदल सकती हैं। इससे आपका खाना ही आपकी दवा बन जाएगा। अपनी रोजमर्रा की रोटियों में इन चीजों को शामिल करें और देखें कि इससे आपको कितने जबरदस्त फायदे मिलते हैं। आप प्रति हफ्ते एक चीज को अपने आटे में मिलाएं, उसके बाद अगले हफ्ते कोई और चीज और फिर तीसरे हफ्ते कोई और चीज। इस तरह से आप रोटेशन में इन चीजों को अपनी रोटियों में मिलाते रहेंगे, जिससे आपको नियमित रूप से इनके फायदे मिलते रहेंगे। यह आपको बोर नहीं होने देगा और किसी भी चीज की कमी भी नहीं होगी। इसके अलावा, बहुत सारी बीमारियों से आप बचे रहेंगे।

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